शाहरुख खान के साथ बदसलूकी
अमेरिका में सुरक्षा जाँच के नाम पर भारतीयों को अपमानित करने की घटनाओं की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है । पहले नील नितिन मुकेश, इरफान खान, कबीर खान, जार्ज फर्नांडिस, प्रणव मुखर्जी और तो और पूर्व राष्ट्रपति अबुल कलाम को भी नही बख्शा गया और अब इस फेहरिस्त में शाहरुख खान का नाम भी जुड़ गया स्वतंत्रता दिवस पर शिकागो में आयोजित समारोह में शरीक होने जा रहे शाहरुख खान को नेवार्क एयरपोर्ट पर रोक कर उनकी सघन तलाशी ली गई और कड़ी पूछ-ताछ की गई और इस दोरान उन्हें फोन पर बात नही करने दी गई बाद में भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद उन्हें छोड़ा गया । अगर हमारे वी आई पी लोगों के साथ ये सलूक हो रहा तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा ?
इस घटना के बाद मेरे मन में ये सवाल उठ रहे हैं कि -
क्या अब भी हमारे नेता संसद में शोर मचा के चुपचाप बैठ जायेंगे ?
क्या अब भी हमारी सरकार अमेरिका के आगे विरोध प्रकट करके इतिश्री कर लेगी ?
क्या हमें ईंट का जवाब पत्थर से नही देना चाहिए ?
क्यों नही हमारी सरकार सुरक्षा अधिकारीयों को निर्देश देती कि भारत आने वाले हर अमेरिकी के कपड़े उतार कर तलाशी ली जाए ?
3 comments:
भैयाजी ये सियासत हमारी समझ से तो बाहर है आपने लाल श्याही में जो प्रश्न उठाए है बिलकुल माकूल है परन्तु ये बाते इन फरिश्तों की समझ में क्यों नहीं आती आम आदमी आहत होता है इन्हें शर्म तक नहीं आती |हो सकता है बहुत बहुत बहुत दूर की सोचते होंगे
mai sahamat nahee agar we apne niyamon ka sakhtee se palan karate hain aur aap nahee to doshee kaun aap apane netaon ko to yunhee jane dete hain,we nahee.
पूर्व राष्ट्रपति कलाम और शाहरुख खान का मामला एक तराजू में नहीं तौला जाना चाहिए. पूर्व राष्ट्रपति का मामला अधिक गंभीरता से लिया जाना चाहिए. भारत द्बारा भी सुरक्षा दृष्टि से ऐसे ही कदम उठाये जाएँ तो आतंके और अपराधी गतिविधियों में कमी आ सकती है.
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